काश

तुम खुश हो जाया करती थी
मेरी हर छोटी से छोटी बातों पर
मेरी बेतुकी कवितायों की भी तुम
तारीफें करती नहीं थकती थी
मेरी लिखी हर कविताओं में
छवि तुम्हारी होती थी
और तुम उन कविताओं को
सहेज कर अपने पिंक कलर के
डायरी में लिख लेती थी
काश, की उन कविताओं की तरह
मैं तुम्हे भी कहीं सहेज के रख पाता

Abhihttps://www.abhiwebcafe.com
इस असाधारण सी दुनिया में एक बेहद साधारण सा व्यक्ति हूँ. बस कुछ सपने के पीछे भाग रहा हूँ, देखता हूँ कब पूरे होते हैं वो...होते भी हैं या नहीं! पेशे से वेब और कंटेंट डेवलपर, और ऑनलाइन मार्केटर हूँ. प्यारी मीठी कहानियाँ लिखना शौक है.

24 COMMENTS

  1. kissi ko bahut yaad kiya ja rha hai !!!

    aapke iss post se hume yaad aya ki aapne ek baar humse kaha tha ki hume apni kahani btayee… m still waitin

  2. kavita to achhi lagi.deep thought hai.ap kavita bhi likhte hain.

    vaisse apne kahi thi koi patna ke mandir ki post hai?wo nahi mili mujhe

  3. @सपना भाभी..

    आपको मैंने दो ब्लॉग के लिंक भेजे थे.पहला वाला लिंक देखिएगा. वो मेरा मुख्य ब्लॉग है.इस ब्लॉग पे तो कभी कभी लिखता हूँ, ज्यादातर कवितायें या फिर युहीं कुछ और..

    ब्लॉग का लिंक फिर से दे रहा हूँ – "मेरी बातें"

  4. "काश, की उन कविताओं की तरह
    मैं तुम्हे भी कहीं सहेज के रख पाता"
    अरे बबुआ ये जो इतनी सारी कवितायेँ और ये ब्लॉग है (एक्सक्लूसिव) ये उसी सहेजने का परिणाम है!!

  5. कभी कभी इतना बढियां लिखते हो की तुम्हारा पुराना सब सरल-गरल भुला जाते हैं…

  6. आप का बलाँग मूझे पढ कर आच्चछा लगा , मैं बी एक बलाँग खोली हू
    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/

    मै नइ हु आप सब का सपोट chheya
    joint my follower

  7. वाह अभि , कविता निकालने लगे डायरी से | आओ स्वागत है इस भावों की नगरी में | अच्छा लगा

  8. ये तुम्हारी लिखी अब तक की सबसे अच्छी कविता है..

    आज मजाक नहीं उड़ाउंगा.

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