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Love Diaries

झील में तैरती बत्तखें

कौन ऐसा खुशनुमा दिल न होगा जिसे बारिश की रुमानियत न पसंद हो, और बात जब उस दीवानी सी प्रिया की हो, तो बारिश...

आँधी, बारिश और रिमझिम फुहारों सी यादें

सुबह के तीन बज रहे हैं. बाहर ज़ोरदार बारिश शुरू हो गयी है. बादलों की तेज़ गड़गड़ाहट से मेरी नींद एकदम से खुल गयी....

वे दिन, स्पेगेटी और वो दाग – [ दिल्ली डायरीज ]

ठण्ड और कोहरे से लिपटी दिल्ली की सड़कों पर जैसे जैसे टैक्सी आगे बढ़ रही थी मुझे वो तमाम दिन दिल्ली के याद आ...

आँखों में बसी हो पर दूर हो कहीं.. [दिल्ली डायरीज ]

काफी सालों बाद इस शहर में आ रहा हूँ. वैसे ज्यादा साल तो नहीं हुए, बस तीन चार साल ही तो हुए हैं अभी...

आधी नींद…अधूरे ख़्वाब और एक सुहावना सफ़र

पहले की कड़ियाँ  भाग एक, भाग दो शाम गहराने लगी थी.. दोनों टेरेस से नीचे उतर आये थे. बारिश अब जोरदार होने लगी थी. लड़की...

नदी, ख्वाहिशें और कुछ ख़्वाब अधूरे से…

रात लड़के ने होटल में नहीं बल्कि एक ट्रेन के कूपे में बिताया था. ये भी एक मजेदार किस्सा था. एक दिन पहले जब...

गिरहें यादों की…

वो एक धूप का दिन था. कई दिनों बाद उस दिन धूप निकली थी. वैसे उन्हें तो सर्दियों के मौसम में धूप से कुछ...

बस्स…रिमेम्बर मी…

वो लड़के के उँगलियों से खेल रही थी. उसी उँगली से जिसपर कुछ देर पहले लड़की की शैतानी की वजह से एक हलकी खराश...

मिस्टिरीअस अक्तूबर!

अक्टूबर का महीना बड़ा ही खुशनुमा सा एक एहसास लेकर आता है. गर्मियों के दिन विदा होने को होते हैं, पेड़ों से पत्ते झर...