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Love In December

लव इन दिसम्बर: साड़ी, कोहरा और उतरता बुखार

"तुम पागल हो क्या? बस कुछ ही दिन बचे हैं दिसम्बर में और तुम्हें अपनी नींद की पड़ी है? ज़ुकाम की चिन्ता है? शर्म...

आ कहीं दूर चले जाएं हम, दूर इतना कि हमें छू न सके कोई ग़म

लड़की की कल्पना भी उसके जैसी ही क्यूट और यूनिक से थे. उसके सपनों और ख्वाहिशों की अपनी एक अलग ही दुनिया थी, जहाँ...

द रिकॉर्ड इज वन ट्वेंटी सेकंड – लव इन दिसम्बर – १५

सुनो, दिसम्बर की पहली तारीख है आज! याद है कुछ? याद है पहले जब हम साथ थे, हम दोनों मिल कर कैसे इस तारीख...

मोहब्बतें वाली एक सुबह

दिसंबर का महीना था, और शहर से कोहरा और ठंड एकदम गायब थे. ऐसा लगता था जैसे वसंत का मौसम दिसंबर के महीने में...

दिसंबर की एक सुबह – कोहरा, चाय और उसके नखरे

सुबह जैसे ही मेरी आँखें खुली और मैंने खिड़की से बाहर देखा तो खूब घना कोहरा छाया हुआ था. मैं एकदम खुश हो गया....

वापस आओ ओ कोहरे, तुम्हारा इंतजार है

वो दिसंबर के आखिरी दिन थे और ठंड अचानक से शहर से गायब हो गयी थी. दिसंबर की धूप में मार्च की धूप का...

वर्ड्स – दिज वर्ड्स आर आल आई हैव टू टेक योर हार्ट अवे

दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में वो एक छोटा सा कैफे था जो तुम्हें काफी पसंद था. शायद दिल्ली का सबसे पसंदीदा कैफे था...

दिसम्बर, कोहरा और उसके खेल

काफी सालों बाद इस बार दिसंबर में शहर में इस कदर कोहरा मेहरबान हुआ है, वरना कोहरे ने तो जैसे ये ठान लिया था...

कोहरे पर लिखा एक नाम

वह दिसंबर की एक सर्द सुबह थी. ठण्ड इतने कि रजाई से निकलने का मन न करे, पर जल्दी उठना लड़के की मजबूरी थी....