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सुना है – एक गज़ल अहमद फ़राज़ के आवाज़ में

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैंसुना है रब्त है उसको ख़राब हालों...

सपना

बहुत पहले कविता लिखने की कोशिश की थी, उस समय डाला भी था इस ब्लॉग पे...आज फिर से उसी कविता को पोस्ट कर रहा...

मीना कुमारी की शायरी (४) – उनकी आवाज़ में

कोई चाहत है न जरुरत हैमौत क्या इतनी खूबसूरत हैमौत की गोद मिल रही हो अगरजागे रहने की क्या जरुरत हैजिंदगी गढ़ के देख...

मीना कुमारी की शायरी – पार्ट ३

न हाथ थाम सके, न पकड़ सके दामन,बड़े करीब से उठकर चला गया कोई..मीना कुमारी जी कि कुछ शायरी आप पहले के दो पोस्ट में...

तुम्हारी यादों का हैंगओवर

सुबह तुम्हारी यादों के साथ जागा था.. कमरे में नज़र घुमाई तो देखा, टेबल की हर चीज़ बिखरी पड़ी थी तुम्हारी दी हुई किताबें, पेन, तुम्हारी तस्वीरें और तुम्हारे...

मीना कुमारी की शायरी – पार्ट २

सच यह तुलसी* कैसी शांत है और काश्मीर की झीलें  किस किस तरह  उथल पुथल हो जाती हैं और अल्लाह ! मैं !*तुलसी - मुंबई से कुछ दूर तुलसी...

आस अभी बाकी है

चाहे कितने भी सितम कर ले ये दुनिया, दिल में एक आस अब भी बाकी है... आने के किसी शख्स का, इंतज़ार अब भी बाकी है..ये माना...

रात के अंधरे में एक सन्नाटा है..

इस रात के अँधेरे में, एक सन्नाटा है हवा एक सरगोशी सी कर रही है पूछ रही है ये हवा आज, इस गहरे सन्नाटे में तू आज चुप क्यों है.. कोई...

बारिश

आज की बरसात, बिलकुल वैसी ही है, जैसा पहले हुआ करती थी.. एक ज़माने बाद बारिश में भीगने का मजा आया.. एक ज़माने बाद फिर से वही...