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यादों में एक दिन : बिस्कुट केक

  हर शनिवार की सुबह 'आई' और 'एफ' सेक्सन की कम्बाइंड क्लास चलती थी, और मैंने उसे पहली बार उसी कम्बाइंड क्लास में देखा था.वो...

यादों में एक दिन (२) : जन्मदिन

दिसंबर का महीना था..जबरदस्त ठंड थी...सुबह पूरा शहर कोहरे से ढका रहता..सूरज देवता के दर्शन भी हर दिन बारह बजे के बाद ही होते...

मिस्टिरीअस अक्टूबर -२-

वे अक्टूबर के दिन थे जब वो छुट्टियाँ बिताने शहर आई हुई थी.उन्ही दिनों मेरे एक करीबी रिश्तेदार की शादी तय हुई.मेरी ईच्छा थी...

सुनो, तुम अब कहानियाँ नहीं लिखना

वो जनवरी का कोई दिन रहा होगा. सुबह से बारिश हो रही थी. लड़की को वैसे तो जनवरी की बारिश खूब अच्छी लगती थी...

दिल्ली डायरी ३

-- दिल्ली डायरी १ -- दिल्ली डायरी २ --मैं बहुत खुश था, कुछ दिन पहले तक जिन परेसनियों से मैं घिरा रहा था, उनसे...

वो शाम कुछ अजीब थी….

(२) वो शाम कुछ अजीब थी.. .....पार्क में बैठी हुई वो अपनी दोनों आँखें बंद कर पूरी तन्मयता से कवितायें सुन रही थी.मैं उसे कवितायें पढ़...

पुराने किले में बिता अक्टूबर का एक दिन

"मैं पुराने किताबों के अलमारी के पास चला आया..जैसे वहां कोई छिपा खज़ाना हो. हर कमरे में कितने भेद भरे कोने होते हैं, वही...

तेरे जाने की घड़ी बड़ी सख्त घड़ी है

तुम्हारे जाने की घड़ी बहुत सख्त घड़ी होती है - ये तुम कहा करती थी. याद है न कैसे गुलज़ार साहब की इस नज़्म...