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Latest Articles

मिस्टिरीअस अक्टूबर -१-

बस कुछ ही दिनों में त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है..आज की सुबह फिज़ा में बिलकुल वही ताजगी महसूस हुई जो अमूमन अक्टूबर के...

आई विल कम बैक अगेन

छठ का त्यौहार था.मैं सुबह के अर्घ्य के बाद जल्दी ही घर से निकल गया..उसी कोम्प्लेक्स के सामने खड़ा था, जहाँ हमने मिलना तय...

लव इन दिसम्बर: साड़ी, कोहरा और उतरता बुखार

"तुम पागल हो क्या? बस कुछ ही दिन बचे हैं दिसम्बर में और तुम्हें अपनी नींद की पड़ी है? ज़ुकाम की चिन्ता है? शर्म...

ये चांद सा रोशन चेहरा, ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा…

वो बहुत खुश थी..लड़का उससे पूरे एक हफ्ते बाद आज शाम मिलने वाला था...लड़का सात दिनों के लिए कलकत्ता चला गया था और इन...

रात के अंधरे में एक सन्नाटा है..

इस रात के अँधेरे में, एक सन्नाटा है हवा एक सरगोशी सी कर रही है पूछ रही है ये हवा आज, इस गहरे सन्नाटे में तू आज चुप क्यों है.. कोई...

दिल्ली डायरीज : २

दिल्ली डायरीज : १ से आगे ऑटो वाले ने हमें सीधा पालिका बाजार के सामने वाली सड़क के पास छोड़ा था.ऑटो वाले को मैं पैसे...

तुम बिन

दो तीन दिनों से जबरदस्त मूड स्विंग हो रहा है.जब कभी लगता है की मन बहुत दुखी है, ठीक उसी समय कहीं से कोई एक...

नदी, ख्वाहिशें और कुछ ख़्वाब अधूरे से…

रात लड़के ने होटल में नहीं बल्कि एक ट्रेन के कूपे में बिताया था. ये भी एक मजेदार किस्सा था. एक दिन पहले जब...